पंजाब में बच्चा गोद लेने के इच्छुक दंपतियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) की प्रक्रिया को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब जिला स्तर पर दत्तक ग्रहण एजेंसियों की संख्या बढ़ा दी गई है, जिससे लोगों को पहले की तुलना में कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार का उद्देश्य गोद लेने की पूरी प्रक्रिया को कानूनी रूप से पारदर्शी और सुगम बनाना है, ताकि हर अनाथ और बेसहारा बच्चे को सुरक्षित परिवार और माता-पिता का प्यार मिल सके।
उन्होंने बताया कि पहले राज्य में केवल 10 दत्तक ग्रहण एजेंसियां कार्यरत थीं, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी। अब सरकार ने 16 नई एजेंसियां शुरू की हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो जाएगी।
मंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 21 बच्चों को विदेशी दंपतियों या विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों द्वारा कानूनी रूप से गोद लिया जा चुका है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि हाल ही में पंजाब सरकार ने बच्चों से भीख मंगवाने की प्रथा रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान कई बच्चों को बचाया गया, लेकिन इनमें से कई बच्चों को लेने उनके माता-पिता या परिजन सामने नहीं आए।
ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि इन बच्चों को “लीगली फ्री फॉर एडॉप्शन” (Legally Free for Adoption) श्रेणी में शामिल किया जाएगा, ताकि उन्हें जल्द से जल्द नया परिवार और बेहतर भविष्य मिल सके।