दक्षिण अफ्रीका के स्टार ऑलराउंडर मार्को यानसन इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच में बल्ले और गेंद, दोनों से शानदार प्रदर्शन करने के बाद यानसन ने आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में भी बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। 28 अक्टूबर को जारी रैंकिंग के मुताबिक, वह टेस्ट गेंदबाजों और टेस्ट ऑलराउंडरों की सूची में एक साथ दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भारत के दिग्गज ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को पीछे छोड़ दिया है।
यानसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में पहले बल्ले से टीम को मुश्किल स्थिति से उबारने में अहम भूमिका निभाई और फिर गेंदबाजी में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों पर कहर बरपाया। उन्होंने पहली पारी में 85 रन की शानदार पारी खेली। इसके बाद गेंद से कमाल दिखाते हुए ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में पांच विकेट अपने नाम किए। उनके इस दमदार प्रदर्शन ने दक्षिण अफ्रीका की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब इसी प्रदर्शन का फायदा उन्हें आईसीसी रैंकिंग में भी मिला है।
कौन हैं मार्को यानसन?
मार्को यानसन दक्षिण अफ्रीका के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं, जो अपनी शानदार गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए उपयोगी साबित होते हैं। इसी वजह से उन्हें टीम में एक अहम ऑलराउंडर की भूमिका दी जाती है। यानसन का जन्म 6 मई 2000 को हुआ था। करीब 6 फीट 9 इंच लंबी कद-काठी के कारण वह गेंदबाजी करते समय अतिरिक्त उछाल हासिल करते हैं। उनकी लंबाई और गेंद की गति बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन जाती है।
यानसन ने दिसंबर 2021 में भारत के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट से अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर से ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया और धीरे-धीरे दक्षिण अफ्रीकी टीम में अपनी जगह मजबूत कर ली। समय के साथ उन्होंने बल्लेबाजी में भी अपनी क्षमता साबित की और टीम के लिए एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में उभरे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्ले और गेंद से किया कमाल
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा में खेले गए दूसरे टेस्ट मुकाबले में मार्को यानसन ने शानदार प्रदर्शन किया। दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के दौरान उन्होंने 85 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में मदद की। उनकी पारी ऐसे समय आई, जब टीम को अहम रनों की जरूरत थी। यानसन ने धैर्य और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना किया।
बल्ले से योगदान देने के बाद यानसन ने गेंद से भी अपना जलवा दिखाया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में पांच बल्लेबाजों को आउट किया और विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। उनके इस प्रदर्शन ने मैच का रुख दक्षिण अफ्रीका की ओर मोड़ने में अहम भूमिका निभाई। एक ही टेस्ट मैच में बल्ले और गेंद से प्रभावशाली प्रदर्शन करने के चलते उनकी खूब तारीफ हो रही है।
जडेजा और स्टार्क को छोड़ा पीछे
मार्को यानसन को उनके शानदार प्रदर्शन का फायदा आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में मिला है। टेस्ट गेंदबाजों की सूची में उन्होंने पांच स्थान की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया है। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क को पीछे छोड़ दिया। वहीं, टेस्ट ऑलराउंडरों की रैंकिंग में भी यानसन एक स्थान ऊपर चढ़कर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बन गए हैं।
भारत के रवींद्र जडेजा लंबे समय तक टेस्ट ऑलराउंडरों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर रहे थे। वह चार साल से अधिक समय तक इस सूची में नंबर-1 बने रहे। अब यानसन ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। यह यानसन के करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
खास बात यह है कि मार्को यानसन ने पहली बार टेस्ट गेंदबाजी और टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग में एक साथ नंबर-1 का स्थान हासिल किया है। उनके इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया है कि वह दक्षिण अफ्रीका के लिए सिर्फ एक तेज गेंदबाज ही नहीं, बल्कि बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखने वाले अहम खिलाड़ी हैं।
