पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ के बयान पर तीखा पलटवार किया है। पन्नू ने अकाली दल की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी अब पुरानी बात हो चुकी है और इसकी वापसी डायनासोर की तरह नामुमकिन है।
दरअसल, बलविंदर सिंह भूंदड़ ने दावा किया था कि दूसरी राजनीतिक पार्टियों के कई नेता उनके संपर्क में हैं। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली दल के नेता अपनी पार्टी के भीतर चल रही टूट और गुटबाजी से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के दावे कर रहे हैं।
‘आपके अपने नेता ही आपके संपर्क में नहीं हैं’
बलतेज पन्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भूंदड़ के बयान पर तंज कसते हुए लिखा कि अकाली नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ कह रहे हैं कि सभी पार्टियों के लोग उनके संपर्क में हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उनके अपने लोग ही उनके संपर्क में नहीं हैं।
पन्नू ने सवाल उठाया कि अगर अकाली दल के अपने नेता पार्टी के साथ होते तो तीन नए अकाली दल क्यों बनते? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अकाली दल बादल अब पुरानी बात हो गई है। न डायनासोर लौटेंगे, न आप।’
अकाली दल में बगावत और गुटबाजी का लगाया आरोप
आप नेता ने आरोप लगाया कि बादल परिवार ने अपने निजी राजनीतिक फायदे और पदों के लिए पंजाब के हितों को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि बादल परिवार के फैसलों के कारण पार्टी के कई पुराने और वरिष्ठ नेता उससे अलग हो गए हैं।
पन्नू के मुताबिक, अकाली दल आज अंदरूनी बगावत और गुटबाजी से जूझ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी की कमजोर होती राजनीतिक स्थिति के कारण उसके नेता दूसरी पार्टियों के नेताओं के संपर्क में होने जैसे बयान देकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बलविंदर सिंह भूंदड़ का बयान अकाली दल की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। पन्नू ने आरोप लगाया कि जिस पार्टी को पंजाब के लोगों ने चुनावों में नकार दिया, उसके नेता अब अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए ऐसे दावे कर रहे हैं।
‘पंजाब के लोग अब झूठे दावों में नहीं आएंगे’
बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोग अब राजनीतिक दलों के कामकाज और उनके दावों को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अकाली दल के पुराने वादों और राजनीतिक बयानों से प्रभावित होने वाली नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब के विकास, खुशहाली और लोगों के हितों के लिए लगातार काम कर रही है। वहीं, उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों के पास सरकार को घेरने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है।
‘दूसरी पार्टियों की बजाय अपनी पार्टी को संभालें अकाली नेता’
बलतेज पन्नू ने अकाली नेतृत्व को सलाह देते हुए कहा कि दूसरी पार्टियों के नेताओं से संपर्क होने का दावा करने के बजाय उन्हें अपनी पार्टी के भीतर चल रही टूट को रोकने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अकाली दल को पहले यह देखना चाहिए कि उसके अपने पुराने साथी और वरिष्ठ नेता उससे दूर क्यों हो रहे हैं। पन्नू के मुताबिक, पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद उसके नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं।
इस बयान के बाद पंजाब की राजनीति में आप और अकाली दल के बीच जुबानी टकराव और तेज होने के संकेत हैं। हालांकि, अकाली दल की वापसी को लेकर पन्नू की टिप्पणी उनका राजनीतिक आकलन है, न कि कोई स्थापित तथ्य।
