चंडीगढ़ : पंजाब में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को एक हाई-लेवल बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसमें डीजी पंजाब पुलिस आईपीएस सुखचैन सिंह गिल समेत सभी रेंज आईजी, डीआईजी, सीपी और एसएसपी शामिल हुए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी हाल में राज्य की शांति और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:
सुरक्षा प्रबंध: रामलीला और अन्य बड़े आयोजनों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएँ।
नशा विरोधी अभियान: नशे की जड़ काटने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जाए।
गैंगस्टरों पर शिकंजा: आने वाले दिनों में गैंगस्टरों पर और कड़ी कार्रवाई होगी।
बाढ़ प्रबंधन: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जाएँ।
छोटे विवादों का समाधान: छोटे-छोटे झगड़ों और शिकायतों का निपटारा ‘सहमति निपटारा मुहिम’ के तहत जल्दी किया जाए, ताकि लोगों को अदालतों के चक्कर न काटने पड़ें।
बैठक के बाद पंजाब पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि सरकार केवल बड़े मुद्दों पर ही नहीं, बल्कि जनता की रोज़मर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है।
इस बैठक के बाद पूरे राज्य में पुलिस तैयारियों को और तेज कर दिया गया है। आने वाले दिनों में पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और नशा विरोधी मुहिम और भी सख्ती से लागू होगी।

