<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>International Archives - Welcome To Ind Lives News, Latest News Hindi, Breaking News in Hindi, Live Hindi News Headlines, Top News India, Current Hindi News World, Entertainment News Hindi, Sports News Hindi, Cricket News Hindi, Business News Hindi, Popular Videos - IndLives.com</title>
	<atom:link href="https://indlives.com/category/international/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://indlives.com/category/international/</link>
	<description>IndLives.com</description>
	<lastBuildDate>Wed, 21 Jan 2026 00:54:51 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=7.0</generator>

<image>
	<url>https://indlives.com/wp-content/uploads/2018/07/cropped-logo-32x32.png</url>
	<title>International Archives - Welcome To Ind Lives News, Latest News Hindi, Breaking News in Hindi, Live Hindi News Headlines, Top News India, Current Hindi News World, Entertainment News Hindi, Sports News Hindi, Cricket News Hindi, Business News Hindi, Popular Videos - IndLives.com</title>
	<link>https://indlives.com/category/international/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Trump Davos Plane Glitch: US से दावोस जा रहे Trump  के विमान में तकनीकी खराबी बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा</title>
		<link>https://indlives.com/trump-davos-plane-glitch-us-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-trump-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Jan 2026 00:54:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/trump-davos-plane-glitch-us-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-trump-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae/</guid>

					<description><![CDATA[🔴 दावोस जाते समय एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, बैकअप विमान से रवाना हुए राष्ट्रपति ट्रंप वॉशिंगटन/दावोस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष विमान एयर फोर्स वन तकनीकी खराबी के कारण स्विट्जरलैंड के दावोस जाते समय वापस लौट आया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप अपने दल के साथ बैकअप विमान से रवाना हुए। वह आज [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>🔴 दावोस जाते समय एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, बैकअप विमान से रवाना हुए राष्ट्रपति ट्रंप</p>
<p>वॉशिंगटन/दावोस।<br />
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष विमान एयर फोर्स वन तकनीकी खराबी के कारण स्विट्जरलैंड के दावोस जाते समय वापस लौट आया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप अपने दल के साथ बैकअप विमान से रवाना हुए। वह आज वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अमेरिकी नीतियों पर संबोधन देंगे।</p>
<p>✈️ उड़ान के दौरान आई तकनीकी समस्या</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद विमान में मामूली इलेक्ट्रिकल तकनीकी खराबी सामने आई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने विमान को जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लाने का फैसला किया।</p>
<p>विमान में मौजूद एक पत्रकार के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ देर बाद प्रेस केबिन की लाइट्स अस्थायी रूप से बंद हो गई थीं। हालांकि उस समय खराबी का कोई आधिकारिक कारण साझा नहीं किया गया। विमान सुरक्षित रूप से वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में लैंड कर गया।</p>
<p>🛫 बैकअप विमान से दावोस रवाना</p>
<p>एयर फोर्स वन की वापसी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल ने बैकअप विमान से स्विट्जरलैंड के लिए उड़ान भरी। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी रहेगा।</p>
<p>🌍 WEF में ट्रंप की पहली प्रत्यक्ष उपस्थिति</p>
<p>दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ट्रंप की पहली प्रत्यक्ष भागीदारी है। दावोस रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कम गैस कीमतों और मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जिक्र किया।</p>
<p>🛩️ पुराने एयर फोर्स वन और नया बोइंग जेट</p>
<p>फिलहाल एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल हो रहे दोनों विमान करीब 40 साल पुराने हैं। बोइंग इनके नए संस्करण तैयार कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लगातार देरी का सामना कर रही है।</p>
<p>एयर फोर्स वन विमानों में</p>
<p>रेडिएशन शील्डिंग</p>
<p>एंटी-मिसाइल सिस्टम</p>
<p>अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम</p>
<p>जैसी उच्च स्तरीय सुरक्षा सुविधाएं होती हैं, ताकि राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी हिस्से से सैन्य संपर्क बनाए रख सकें।</p>
<p>गौरतलब है कि पिछले साल कतर के शाही परिवार ने ट्रंप को एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट उपहार में दिया था। इसे एयर फोर्स वन बेड़े में शामिल करने के लिए फिलहाल सुरक्षा मानकों के अनुरूप बदला जा रहा है। इस पर मजाक करते हुए कैरोलिन लीविट ने कहा कि “इस समय कतर का जेट काफी बेहतर विकल्प लग रहा है।”</p>
<p>🏔️ WEF 2026: वैश्विक चुनौतियों पर मंथन</p>
<p>डब्ल्यूईएफ की 56वीं वार्षिक बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में हो रही है। इसमें 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 वैश्विक नेता भाग ले रहे हैं। बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और तेज़ तकनीकी बदलावों से गुजर रही है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Donald Trump बोले- Modi बहुत अच्छे व्यक्ति… लेकिन साथ ही दे दी टैरिफ वाली चेतावनी</title>
		<link>https://indlives.com/donald-trump-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-modi-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 05 Jan 2026 07:08:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/donald-trump-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%87-modi-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ताजा चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर नई दिल्ली ने रूसी तेल का आयात जारी रखा तो वाशिंगटन उस पर टैरिफ बढ़ा देगा. ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छा व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि &#8220;वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था&#8221; और [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ताजा चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर नई दिल्ली ने रूसी तेल का आयात जारी रखा तो वाशिंगटन उस पर टैरिफ बढ़ा देगा. ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छा व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि &#8220;वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था&#8221; और नई दिल्ली &#8220;मुझे खुश करना&#8221; चाहती थी.  ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, &#8220;अगर भारत रूसी तेल मुद्दे पर मदद नहीं करता है तो हम उस पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं.&#8221;

 

अमेरिका के कमांडर-इन-चीफ ने दावा किया कि भारत ने रूस से अपनी तेल खरीद काफी कम कर दी है. ट्रंप ने यहां कहा, &#8220;मूल रूप से वे मुझे खुश करना चाहते थे&#8230; पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं. वह अच्छे आदमी हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं. मुझे खुश करना जरूरी है. वे व्यापार करते हैं और हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.&#8221;

 
<h3 class="wp-block-heading"><strong>ट्रंप की चेतावनी की टाइमिंग</strong></h3>
 

ट्रंप की नई चेतावनी रूस के साथ नई दिल्ली के ऊर्जा व्यापार को लेकर वाशिंगटन में बढ़ती जांच के बीच आई है. भारत ने लगातार अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए आवश्यक तेल खरीद का बचाव किया है. यह टिप्पणी ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के कुछ ही सप्ताह बाद आई है, जिसके दौरान दोनों नेताओं ने <a href="https://ndtv.in/india/india-us-trade-deal-is-possible-fareed-zakaria-to-ndtv-president-donald-trump-9835079">टैरिफ से संबंधित तनाव के</a> बावजूद द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में गति बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया था.

 

यह कॉल लंबे समय से चले आ रहे व्यापार तनाव को हल करने के उद्देश्य से भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच वार्ता के एक नए दौर की शुरुआत के साथ मेल खाती है. पिछले साल की शुरुआत में बातचीत शुरू हुई लेकिन अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर टैरिफ लगाए जाने के बाद इसमें व्यवधान आया. अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है.

 

हाल ही में, भारत में अमेरिकी दूतावास ने भी लंबे समय तक व्यापार समझौते पर बातचीत के बीच पीएम मोदी के लिए ट्रंप की प्रशंसा का हवाला दिया था. एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने भारत को &#8220;एक अद्भुत देश&#8221; बताया और कहा कि अमेरिका को मोदी के रूप में &#8220;एक महान मित्र&#8221; मिला है.&#8221;

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऑस्ट्रेलिया: सिडनी के बोंडी बीच पर गोलीबारी, 12 लोगों की मौत, दो पुलिसकर्मी घायल</title>
		<link>https://indlives.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 14 Dec 2025 06:28:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/%e0%a4%91%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a1%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%82/</guid>

					<description><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो हमलवारों ने फायरिंग की। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा एक हमलावर भी मारा गया है। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए दोनों हमलावरों को गोली मारी। अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर की मौत हो गई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[

ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर रविवार दोपहर हनुक्का त्योहार मना रहे यहूदियों पर दो हमलवारों ने फायरिंग की। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा एक हमलावर भी मारा गया है।

 

पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए दोनों हमलावरों को गोली मारी। अधिकारियों के मुताबिक एक हमलावर की मौत हो गई है, जबकि दूसरा गंभीर हालत में है।

 

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन इस हमले में बाल-बाल बचे हैं। उन्होंने रेस्त्रां में छिपकर अपनी जान बचाई। उन्होंने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।

 

वॉन ने एक्स पर लिखा-

 

<img decoding="async" src="https://www.bhaskar.com/assets/images/grey-quote.02a691c7.png" alt="QuoteImage" />

 

<em><strong>बॉन्डी में एक रेस्टोरेंट के अंदर बंद रहना बहुत डरावना था। अब मैं सुरक्षित घर पहुंच गया हूं। आतंकियों का सामना करने वाले इमरजेंसी स्टाफ्स का बहुत-बहुत धन्यवाद। इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।</strong></em>

 

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस घटना को चौंकाने वाला और बहुत दुखद बताया है।

 

सिडनी में हुई फायरिंग को लेकर जिस तरह की अफरा-तफरी मची है, उसे लेकर दुनिया के सभी देश अलर्ट पर हैं. खासतौर पर जहां यहूदियों की जनसंख्या है, वहां सरकारों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है. भारत में भी यहूदियों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>H-1B Visa के लिए अब Social Media Accounts Public करना होगा, 15 December से New Rule लागू</title>
		<link>https://indlives.com/h-1b-visa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%ac-social-media-accounts-public-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-15-december/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Dec 2025 03:40:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/h-1b-visa-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%ac-social-media-accounts-public-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be-15-december/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका में H-1B वीजा लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा नियमों में सख्ती करते हुए आदेश दिए हैं कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करना होगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी अधिकारी आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट और लाइक्स देख सकेंगे। अगर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका में H-1B वीजा लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा नियमों में सख्ती करते हुए आदेश दिए हैं कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करना होगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी अधिकारी आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट और लाइक्स देख सकेंगे। अगर कोई भी गतिविधि अमेरिकी हितों के खिलाफ पाई गई, तो H-1B वीजा नहीं मिलेगा।</p>
<p>इस नियम का असर H-1B के आश्रितों यानी पत्नी, बच्चों और पेरेंट्स के लिए दिए जाने वाले H-4 वीजा पर भी पड़ेगा। यानी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी पब्लिक करना जरूरी होगा। यह पहला मौका है जब H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच अनिवार्य की गई है। नए नियम 15 दिसंबर 2025 से लागू होंगे।</p>
<p>इससे पहले अगस्त 2025 से ही स्टडी वीजा (F-1, M-1, J-1) और विजिटर वीजा (B-1, B-2) के लिए भी सोशल मीडिया पब्लिक करना अनिवार्य कर दिया गया है।</p>
<h3><strong>H-1B </strong><strong>वीजा क्या है</strong><strong>?</strong></h3>
<p>H-1B वीजा हाई स्किल्ड प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को अमेरिका में काम करने के लिए मिलता है। यह वीजा पहली बार 1990 में अमेरिकी कांग्रेस ने शुरू किया था।</p>
<ul>
<li><strong>भारतीयों पर असर:</strong> हर साल जारी किए जाने वाले H-1B वीजा में से लगभग 70% भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलता है, इसलिए नया नियम सबसे ज्यादा भारतीयों को प्रभावित करेगा।</li>
<li><strong>वीज़ा फीस:</strong> पहले इसकी फीस लगभग $9,000 थी। सितंबर 2025 में इसे बढ़ाकर लगभग ₹90 लाख कर दिया गया।</li>
<li><strong>अवधि:</strong> H-1B वीजा 3 साल के लिए जारी होता है और दो बार बढ़ाया जा सकता है, यानी कुल 6 साल। इसके बाद आवेदक ग्रीन कार्ड यानी अमेरिका की स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।</li>
</ul>
<h3><strong>ट्रम्प का रवैया </strong><strong>H-1B </strong><strong>वीजा पर</strong></h3>
<p>ट्रम्प का H-1B वीजा पर रवैया कभी हां और कभी ना वाला रहा है।</p>
<ul>
<li>2016 में उन्होंने कहा था कि यह वीजा अमेरिकी हितों के खिलाफ है।</li>
<li>2019 में वीजा का एक्सटेंशन रोक दिया गया था।</li>
<li>लेकिन हाल ही में उन्होंने कहा कि अमेरिका को टैलेंट की जरूरत है।</li>
</ul>
<h3><strong>नए वीजा कार्ड्स</strong></h3>
<p>H-1B वीजा में बदलाव के अलावा ट्रम्प ने तीन नए वीजा कार्ड भी लॉन्च किए हैं:</p>
<ol>
<li><strong>Trump Gold Card</strong> – कीमत ₹8.8 करोड़, यह कार्ड धारक को अमेरिका में हमेशा रहने का अधिकार देगा।</li>
<li><strong>Trump Platinum Card</strong></li>
<li><strong>Corporate Gold Card</strong></li>
</ol>
<h3><strong>भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और </strong><strong>H-1B</strong></h3>
<p>भारत हर साल लाखों इंजीनियर और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट तैयार करता है। ये प्रोफेशनल्स अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं।</p>
<p>अब बढ़ी हुई फीस और सोशल मीडिया नियम की वजह से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के देशों की तरफ रुख कर सकता है।</p>
<p>15 दिसंबर से H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया जांच अनिवार्य हो जाएगा। भारतीय प्रोफेशनल्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। वीजा की बढ़ी हुई फीस और नई पॉलिसी को देखते हुए अब अमेरिका में काम करने के विकल्प और चुनौतियां बदलने वाली हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Ethiopia में 12 हजार साल बाद ज्वालामुखी फटा! राख का 15km ऊंचा गुबार उठा; 4300km दूर Delhi पहुंचा; India में कई Flights Cancelled</title>
		<link>https://indlives.com/ethiopia-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-12-%e0%a4%b9%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 02:58:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/ethiopia-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-12-%e0%a4%b9%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae/</guid>

					<description><![CDATA[इथियोपिया के अफार इलाके में मौजूद हेली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार को अचानक फट गया। खास बात यह है कि यह ज्वालामुखी लगभग 12 हजार साल से शांत था और इसका कोई मॉडर्न रिकॉर्ड भी नहीं मिलता। लेकिन इस बार हुए बड़े विस्फोट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। &#160; &#160; विस्फोट के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>इथियोपिया के अफार इलाके में मौजूद <strong>हेली गुब्बी ज्वालामुखी</strong> रविवार को अचानक फट गया। खास बात यह है कि यह ज्वालामुखी लगभग <strong>12 </strong><strong>हजार साल से शांत</strong> था और इसका कोई मॉडर्न रिकॉर्ड भी नहीं मिलता। लेकिन इस बार हुए बड़े विस्फोट ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को चौंका दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone  wp-image-26958" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/G6h5MtHacAAnpHM-300x169.jpg" alt="" width="677" height="381" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विस्फोट के बाद ज्वालामुखी से उठी राख और सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) का <strong>करीब </strong><strong>15 </strong><strong>किलोमीटर ऊंचा गुबार</strong> आसमान में फैल गया। यह गुबार लाल सागर को पार करता हुआ <strong>यमन और ओमान</strong> तक पहुंचा और सोमवार देर रात <strong>4300 </strong><strong>किमी दूर दिल्ली</strong> के आसमान में भी दिखाई देने लगा।</p>
<h2><strong>भारत के आसमान पर राख का गुबार</strong></h2>
<p>इंडिया मेट स्काई वेदर अलर्ट के मुताबिक ज्वालामुखी की राख <strong>जोधपुर</strong><strong>–</strong><strong>जैसलमेर</strong> की ओर से भारत में दाखिल हुई और अब यह <strong>राजस्थान</strong><strong>, </strong><strong>हरियाणा और दिल्ली</strong> के ऊपर फैल चुकी है। इसका एक हल्का हिस्सा <strong>गुजरात</strong>, <strong>पंजाब</strong>, <strong>हिमाचल</strong> और <strong>पश्चिमी यूपी</strong> तक असर दिखा सकता है।</p>
<p>IMD के अनुसार यह राख सोमवार रात से मंगलवार शाम तक भारत के आसमान में रहेगी और शाम 7:30 बजे के बाद <strong>चीन की ओर बढ़ने लगेगी</strong>।</p>
<p>हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह राख <strong>बहुत ज्यादा ऊंचाई</strong> पर है, इसलिए आम लोगों की हेल्थ पर ज्यादा असर नहीं होगा। हां, थोड़ी बहुत राख गिरने की आशंका जरूर है।</p>
<h2><strong>फ्लाइट ऑपरेशन्स पर सबसे ज्यादा असर</strong></h2>
<p>ज्वालामुखी की राख हवाई जहाजों के लिए खतरनाक हो सकती है, क्योंकि राख के कण इंजन में जाकर उसे खराब कर सकते हैं। इसी वजह से कई एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द करनी शुरू कर दी हैं।</p>
<h3><strong>✈</strong> <strong>एयर इंडिया</strong></h3>
<ul>
<li>कुल <strong>11 </strong><strong>फ्लाइट्स रद्द</strong> की गई हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong> <strong>अकासा एयर</strong></h3>
<ul>
<li>24 और 25 नवंबर की <strong>जेद्दा</strong><strong>, </strong><strong>कुवैत और अबू धाबी</strong> की उड़ानें रद्द।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong> <strong>इंडिगो</strong></h3>
<ul>
<li>स्थिति पर लगातार नजर, जरूरत पड़ने पर रूट बदले जा सकते हैं।</li>
</ul>
<h3><strong>✈</strong><strong> KLM</strong></h3>
<ul>
<li>एम्स्टर्डम से दिल्ली आने वाली फ्लाइट कैंसिल।</li>
</ul>
<h3><strong>मुंबई एयरपोर्ट की अपील</strong></h3>
<ul>
<li>यात्रियों से कहा गया है कि <strong>एयरपोर्ट आने से पहले अपनी उड़ानों की अपडेट जरूर चेक करें</strong>, क्योंकि कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट बदले जा सकते हैं।</li>
</ul>
<h2><strong>DGCA </strong><strong>ने एयरलाइंस को अलर्ट किया</strong></h2>
<p>भारत की विमानन संस्था DGCA ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के लिए <strong>डिटेल गाइडलाइंस</strong> जारी की हैं:</p>
<ul>
<li>एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि <strong>राख वाले इलाकों के ऊपर उड़ान न भरें</strong>।</li>
<li>उड़ान का <strong>रूट और प्लानिंग तुरंत बदलें</strong>।</li>
<li>अगर किसी फ्लाइट को इंजन की परफॉर्मेंस में गड़बड़ी, केबिन में धुआं या किसी भी तरह का शक हो तो <strong>तुरंत रिपोर्ट</strong> करें।</li>
<li>एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया गया है कि अगर राख रनवे या टैक्सीवे पर पहुंचे तो उसकी तुरंत <strong>जांच और सफाई</strong> की जाए।</li>
</ul>
<p>अकासा, इंडिगो और KLM ने DGCA की एडवाइजरी के बाद कई फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों के लिए बेहद दुर्लभ घटना</strong></h2>
<p>हेली गुब्बी ज्वालामुखी <strong>अफार रिफ्ट</strong> का हिस्सा है। यह वही इलाका है जहां धरती की टेक्टॉनिक प्लेटें लगातार अलग हो रही हैं। इस क्षेत्र में एर्टा एले जैसे ज्वालामुखी पहले से मॉनिटर किए जाते हैं, लेकिन हेली गुब्बी अचानक सक्रिय हुआ है, जो बेहद <strong>असामान्य और ऐतिहासिक</strong> घटना मानी जा रही है।</p>
<p>एमिरात एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के चेयरमैन इब्राहिम अल जरवान ने कहा कि ज्वालामुखी से बड़ी मात्रा में SO₂ गैस निकलना इस बात का संकेत है कि अंदर <strong>दबाव बढ़ रहा है</strong>, और आगे और विस्फोट हो सकते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone  wp-image-26959" src="https://trendstopic.in/wp-content/uploads/2025/11/G6k-oUXbwAQopDu-300x169.jpg" alt="" width="634" height="357" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यह घटना वैज्ञानिकों के लिए एक <strong>दुर्लभ रिसर्च मौका</strong> है। अब शोधकर्ता यह समझने की कोशिश करेंगे कि इतने हजारों साल शांत रहने के बाद यह ज्वालामुखी क्यों फट गया। यह जानकारी भविष्य में ऐसे ज्वालामुखियों के व्यवहार को समझने में मदद करेगी जो रिफ्ट जोन में मौजूद हैं।</p>
<h2><strong>अब तक की स्थिति</strong></h2>
<ul>
<li><strong>कोई मौत नहीं</strong> हुई है।</li>
<li>यमन और ओमान ने लोगों को सावधानी बरतने को कहा है, खासकर <strong>सांस की बीमारी वाले</strong> लोगों को।</li>
<li>भारत में आम लोगों के लिए <strong>खतरा कम</strong>, लेकिन <strong>फ्लाइट्स और एयर ट्रैफिक</strong> पर बड़ी चुनौती बरकरार।</li>
<li>वैज्ञानिक इसे <strong>हजारों साल में होने वाली अनोखी घटना</strong> बता रहे हैं।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>America का सबसे लंबा ‘Shutdown’ समाप्त: 1.4 Million Employees को 43 दिन बाद मिलेगा वेतन! लेकिन Situation अभी भी पूरी तरह Normal नहीं</title>
		<link>https://indlives.com/america-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be-shutdown-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-1-4-million-empl/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 14 Nov 2025 01:51:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/america-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be-shutdown-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-1-4-million-empl/</guid>

					<description><![CDATA[अमरीका में चला 43 दिन लंबा सरकारी Shutdown आखिरकार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फंडिंग बिल पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद फेडरल सरकार ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। यह अमरीकी इतिहास का सबसे लंबा Shutdown था। इस Shutdown की वजह से न सिर्फ सरकारी दफ्तर बंद रहे बल्कि [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमरीका में चला 43 दिन लंबा सरकारी Shutdown आखिरकार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रम्प</strong> ने फंडिंग बिल पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद फेडरल सरकार ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। यह अमरीकी इतिहास का <strong>सबसे लंबा Shutdown</strong> था।</p>
<p>इस Shutdown की वजह से न सिर्फ सरकारी दफ्तर बंद रहे बल्कि लाखों कर्मचारियों की ज़िंदगी भी प्रभावित हुई। अब सरकार चल तो पड़ी है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी भी समय लगेगा।</p>
<h2><strong>1. 14 </strong><strong>लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का रास्ता खुला</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान करीब <strong>1.4 </strong><strong>मिलियन (14 </strong><strong>लाख) फेडरल कर्मचारी</strong> बिना सैलरी के रहे।</p>
<ul>
<li>आधे कर्मचारी <strong>बिना तनख़्वाह के काम करते रहे</strong></li>
<li>बाकी आधों को “furlough” पर घर बैठना पड़ा</li>
</ul>
<p>अब सरकार खुलते ही इन सबको <strong>बकाया सैलरी (back pay)</strong> मिलेगी। ज़्यादातर कर्मचारियों को आने वाले कुछ दिनों में पैसा मिलने लगेगा। कुछ को उनकी agency के हिसाब से थोड़ी देरी भी हो सकती है।</p>
<h2><strong>2. </strong><strong>बिल में क्या-क्या है</strong><strong>?</strong></h2>
<ul>
<li>सरकार को <strong>31 </strong><strong>जनवरी</strong> तक फंडिंग मिलेगी।</li>
<li>इस दौरान <strong>कोई लेऑफ नहीं</strong> होगी, यानी कर्मचारियों की छंटनी पर रोक।</li>
<li>Shutdown खत्म करने वाला यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में <strong>222–209</strong> मतों से पास हुआ था।</li>
<li>लेकिन इसमें <strong>Obamacare (ACA Subsidy)</strong> के प्रीमियम टैक्स क्रेडिट को 2025 के बाद बढ़ाने का कोई वादा नहीं किया गया। इस पर Democrats अभी भी लड़ाई जारी रखेंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>3. Shutdown </strong><strong>खत्म</strong><strong>, </strong><strong>लेकिन सब कुछ नॉर्मल नहीं होगा</strong></h2>
<p>सरकार तो खुल गई है, पर हर विभाग तुरंत पुराने ढर्रे पर वापस नहीं आ पाएगा।</p>
<h3><strong>Federal Offices</strong></h3>
<p>OMB (Office of Management and Budget) ने सभी एजेंसियों को आदेश दिया है कि कर्मचारी तुरंत काम पर लौटें और दफ्तर सुचारू तरीके से खोलें।</p>
<h2><strong>4. Food Assistance (SNAP) Program</strong></h2>
<p>अमरीका के करीब <strong>42 </strong><strong>मिलियन लोग SNAP (food stamp) program</strong> पर निर्भर हैं।<br />
Shutdown के दौरान कई राज्यों में लोगों को</p>
<ul>
<li>पूरा राशन</li>
<li>आधा राशन</li>
<li>या बिल्कुल भुगतान<br />
नहीं मिल पाया था।</li>
</ul>
<p>अब सरकार खुलने के बाद SNAP दोबारा शुरू होगा, लेकिन <strong>हर राज्य में payments </strong><strong>नॉर्मल होने में समय लगेगा</strong>। SNAP की फंडिंग इस बिल में <strong>सितंबर 2026</strong> तक के लिए पास हुई है।</p>
<h2><strong>5. Smithsonian Museums </strong><strong>और </strong><strong>National Zoo </strong><strong>खोलने की तैयारी</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़ियम नेटवर्क बंद थे। अब:</p>
<ul>
<li>American History Museum</li>
<li>Air and Space Museum</li>
<li>Udvar-Hazy Center<br />
<strong>शुक्रवार से खुलेंगे</strong><br />
बाकी सभी म्यूज़ियम और Zoo सोमवार तक <strong>rolling basis</strong> पर खुल जाएंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>6. Air Travel </strong><strong>पर भारी असर </strong><strong>— Flights </strong><strong>अभी भी पूरी तरह नॉर्मल नहीं</strong></h2>
<p>Air traffic controllers बिना सैलरी काम कर रहे थे, जिससे एयरपोर्ट्स पर बड़ी दिक्कतें आईं।</p>
<ul>
<li>Flights 4–10% तक कम की गईं थीं</li>
<li>अभी 6% की कटौती लागू है<br />
FAA का कहना है कि वे हालात सुधारने में लगे हैं, लेकिन <strong>सबकुछ नॉर्मल होने में समय लगेगा</strong>।<br />
Thanksgiving जैसे busy travel time पर इसका असर दिख सकता है।<br />
Controller को 48 घंटों में उनकी backpay का 70% मिल जाएगा।</li>
</ul>
<h2><strong>7. National Parks </strong><strong>को भारी नुकसान</strong></h2>
<p>Shutdown के दौरान कई national parks खुले जरूर रहे, लेकिन:</p>
<ul>
<li>स्टाफ की भारी कमी थी</li>
<li>सफाई और मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा था</li>
<li>Visitor fees नहीं मिल पाई<br />
इससे पार्कों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और अब इन्हें पूरी तरह ठीक करने में <strong>कई महीने लग सकते हैं</strong>।</li>
</ul>
<h2><strong>8. IRS </strong><strong>पर भी बड़ा असर</strong><strong>, </strong><strong>अगले साल का </strong><strong>Tax Season </strong><strong>मुश्किल हो सकता है</strong></h2>
<p>IRS ने अपने <strong>74,000</strong> में से आधे कर्मचारियों को furlough किया था।<br />
इस दौरान:</p>
<ul>
<li>Tax refunds जारी नहीं हुए</li>
<li>Helplines बंद रहीं</li>
<li>Appointments कैंसल हो गईं</li>
</ul>
<p>इसका असर 2026 के tax season पर पड़ सकता है, क्योंकि बंद होने से पहले IRS पर पहले से ही लाखों cases pending थे।</p>
<h2><strong>9. </strong><strong>आर्थिक रिपोर्टें शायद कभी जारी न हों</strong></h2>
<p>Shutdown की वजह से:</p>
<ul>
<li>October और November की jobs report</li>
<li>inflation data</li>
</ul>
<p>जारी नहीं हो पाए।<br />
वाइट हाउस का कहना है कि <strong>ये रिपोर्टें शायद कभी जारी न हो सकें</strong> क्योंकि Shutdown ने data system को &#8220;permanently damage&#8221; कर दिया है।</p>
<h2><strong>10. Trump </strong><strong>का </strong><strong>Democrats </strong><strong>पर हमला</strong></h2>
<p>बिल पर साइन करते समय ट्रम्प ने आरोप लगाया:</p>
<ul>
<li>Democrats ने illegal immigrants के लिए पैसे निकालने के लिए सरकार बंद कराई</li>
<li>इसे उन्होंने “extortion” यानी जबरदस्ती पैसा वसूलने की कोशिश कहा</li>
<li>Shutdown से लाखों अमेरिकियों को नुकसान हुआ:
<ul>
<li>20,000 flights delayed/cancel</li>
<li>10 लाख कर्मचारी बिना सैलरी</li>
<li>Food stamps से जुड़े लाखों लोग प्रभावित</li>
</ul>
</li>
</ul>
<h2><strong>11. 232 </strong><strong>साल पुरानी </strong><strong>Penny Currency </strong><strong>हुई बंद</strong></h2>
<p>Shutdown से अलग एक और बड़ा फैसला —<br />
अमरीका ने अपनी <strong>सबसे छोटी करंसी—Penny (1 cent)</strong> को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।</p>
<p>क्यों बंद किया?</p>
<ul>
<li>एक penny बनाने में <strong>69 cent</strong> खर्च</li>
<li>कीमत सिर्फ <strong>1 cent</strong></li>
<li>यानी हर penny पर सरकार को नुकसान<br />
2023 में ही pennies बनाने से <strong>179 </strong><strong>मिलियन डॉलर</strong> (1,500 करोड़ रु) का नुकसान हुआ।<br />
लगभग <strong>250 </strong><strong>अरब pennies</strong> अभी circulation में हैं, जिन्हें धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा।</li>
</ul>
<p>पैनी का सिस्टम भारत के “पैसे” जैसा ही था —<br />
100 pennies = 1 dollar (जैसे 100 पैसे = 1 रुपये)।</p>
<h2><strong>12. Skilled Foreign Workers </strong><strong>को लेकर नई नीति</strong></h2>
<p>Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि:</p>
<ul>
<li>Defence, shipbuilding और semiconductors जैसे सेक्टरों में skilled workers की जरूरत है</li>
<li>प्लान यह है कि <strong>विदेशी skilled workers </strong><strong>को 3–7 </strong><strong>साल बुलाया जाए</strong></li>
<li>वे अमेरिकी workers को ट्रेन करें</li>
<li>फिर वापस अपने देश लौट जाएं<br />
इससे American workers धीरे-धीरे पूरे सिस्टम को संभाल पाएंगे।</li>
</ul>
<p>Shutdown खत्म जरूर हो गया है, लेकिन उसकी चोटें अभी भी कई जगह दिखेंगी—<br />
सरकारी दफ्तर, एयर ट्रैवल, parks, IRS, और food programs सबको नॉर्मल होने में समय लगेगा।<br />
फंडिंग अभी सिर्फ <strong>31 </strong><strong>जनवरी</strong> तक है, इसलिए खतरा है कि अगर पार्टियों में दोबारा सहमति नहीं बनी, तो सरकार फिर से बंद हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>UPS Cargo Plane Crash: Kentucky में बड़ा हादसा, 7 लोगों की मौत, कई घायल</title>
		<link>https://indlives.com/ups-cargo-plane-crash-kentucky-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a4%be-7-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Nov 2025 05:41:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/ups-cargo-plane-crash-kentucky-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b8%e0%a4%be-7-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार को एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। UPS कंपनी का एक कार्गो विमान (Flight 2976) लुईविल मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में करीब 7 लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 11 लोग घायल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका के केंटकी राज्य में बुधवार को एक बड़ा हवाई हादसा हो गया। UPS कंपनी का एक <strong>कार्गो विमान (Flight 2976)</strong> लुईविल <strong>मोहम्मद अली इंटरनेशनल एयरपोर्ट</strong> से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में <strong>करीब 7 </strong><strong>लोगों की मौत</strong> हो गई है और <strong>कम से कम 11 </strong><strong>लोग घायल</strong> हुए हैं। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।</p>
<h3><strong>कैसे हुआ हादसा?</strong></h3>
<p>जानकारी के मुताबिक यह विमान लुईविल एयरपोर्ट से उड़ान भरकर <strong>होनोलुलु (हवाई)</strong> के लिए जा रहा था। लेकिन टेकऑफ के तुरंत बाद विमान <strong>संतुलन खो बैठा और ज़मीन से टकरा गया</strong>।<br />
टकराने के बाद विमान में <strong>जोरदार धमाका हुआ</strong> और देखते ही देखते <strong>भीषण आग</strong> लग गई।</p>
<h3><strong>विमान में भरा था बहुत ज्यादा फ्यूल</strong></h3>
<p>हादसे के समय विमान में करीब <strong>38,000 </strong><strong>गैलन</strong> यानी लगभग <strong>1.5 </strong><strong>लाख लीटर जेट फ्यूल</strong> मौजूद था। इसी वजह से आग तेजी से फैलने लगी और आस-पास का इलाका भी चपेट में आ गया।</p>
<p>अग्निशमन विभाग और पुलिस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। लेकिन आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं।</p>
<h3><strong>इलाके में 8 </strong><strong>किलोमीटर तक अलर्ट</strong></h3>
<p>पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट से <strong>8 </strong><strong>किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को घरों के अंदर रहने</strong> का आदेश दिया है।<br />
इसके साथ ही <strong>एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गईं</strong> और वहां से जाने वाली सभी फ्लाइट्स <strong>रद्द</strong> कर दी गईं।</p>
<p>एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे <strong>फ्लाइट अपडेट</strong> के लिए अपनी-अपनी एयरलाइन्स से संपर्क करें।</p>
<h3><strong>संभावित कारण: लिथियम बैटरियों से लगी आग?</strong></h3>
<p>प्रारंभिक जांच में यह शक जताया जा रहा है कि विमान में <strong>लिथियम बैटरी</strong> या इसी तरह के कार्गो की वजह से आग फैली हो सकती है।<br />
ऐसा ही एक हादसा <strong>2010 </strong><strong>में UPS Flight 6</strong> के साथ भी हुआ था, जिसमें आग लगने का कारण लिथियम बैटरियों को माना गया था।</p>
<h3><strong>जांच जारी</strong></h3>
<p>इस घटना की जांच <strong>फेडरल एविएशन अथॉरिटी (FAA)</strong> और <strong>नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB)</strong> मिलकर कर रहे हैं। UPS कंपनी ने कहा है कि जैसे-जैसे नई जानकारी मिलेगी, उसे साझा किया जाएगा।</p>
<h3><strong>UPS </strong><strong>वर्ल्डपोर्ट क्या है?</strong></h3>
<p>लुईविल एयरपोर्ट UPS का सबसे बड़ा <strong>लॉजिस्टिक्स हब</strong> है जिसे <strong>वर्ल्डपोर्ट</strong> कहा जाता है।<br />
यहां:</p>
<ul>
<li><strong>12,000 </strong><strong>से ज्यादा कर्मचारी</strong> काम करते हैं</li>
<li>रोज़ाना <strong>लगभग 20 </strong><strong>लाख पार्सल</strong> हैंडल किए जाते हैं<br />
इस वजह से यह UPS के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है।</li>
</ul>
<h3><strong>इस हादसे ने फिर खड़े किए सुरक्षा पर सवाल</strong></h3>
<p>हादसे ने एक बार फिर <strong>कार्गो प्लेन्स में सुरक्षा मानकों</strong>, खतरनाक सामान और ईंधन प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।<br />
फिलहाल जांच टीमों के रिपोर्ट का इंतज़ार है</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>USA ने H-1B Visa Fees बढ़ाई, Trump Gold Card Launch – Bhartiya IT Professionals पर बड़ा असर</title>
		<link>https://indlives.com/usa-%e0%a4%a8%e0%a5%87-h-1b-visa-fees-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%88-trump-gold-card-launch-bhartiya-it-professionals-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Sep 2025 02:29:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/usa-%e0%a4%a8%e0%a5%87-h-1b-visa-fees-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%88-trump-gold-card-launch-bhartiya-it-professionals-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be/</guid>

					<description><![CDATA[अमेरिका ने H-1B वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इस वीजा के लिए 1 लाख डॉलर (~₹88 लाख) फीस देनी होगी। इससे पहले यह फीस सिर्फ ₹1 से ₹6 लाख तक थी। यह बदलाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किया गया है। इस नए नियम के तहत, अमेरिका अब केवल सबसे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[</p>
<p>अमेरिका ने H-1B वीजा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इस वीजा के लिए <strong>1 </strong><strong>लाख डॉलर (</strong><strong>~₹88 </strong><strong>लाख)</strong> फीस देनी होगी। इससे पहले यह फीस सिर्फ <strong>₹1 </strong><strong>से </strong><strong>₹6 </strong><strong>लाख</strong> तक थी। यह बदलाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आदेश पर किया गया है।</p>
<p>इस नए नियम के तहत, अमेरिका अब केवल <strong>सबसे टैलेंटेड और हाई स्किल्ड कर्मचारियों</strong> को ही H-1B वीजा देगा। इसका मतलब है कि मिड-लेवल और एंट्री-लेवल कर्मचारी अब अमेरिका जाना मुश्किल होगा।</p>
<p><strong>ट्रम्प गोल्ड कार्ड और अन्य सुविधाएं</strong><strong></strong></p>
<p>अमेरिका ने <strong>‘Trump Gold Card’</strong>, <strong>‘Trump Platinum Card’</strong> और <strong>‘Corporate Gold Card’</strong> जैसी नई सुविधाएं भी शुरू की हैं।</p>
<ul>
<li><strong>Trump Gold Card </strong><strong>की कीमत:</strong> $1 मिलियन (~₹8.8 करोड़)</li>
<li>यह कार्ड रखने वाले को अमेरिका में <strong>अनलिमिटेड रेसीडेंसी</strong> (स्थायी रहने का अधिकार) मिलेगा।</li>
<li>हालांकि, <strong>पासपोर्ट और वोट देने का अधिकार</strong> नहीं मिलेगा।</li>
<li>यह ग्रीन कार्ड की तरह ही स्थायी निवास प्रदान करेगा।</li>
<li>शुरुआत में सरकार लगभग <strong>80,000 </strong><strong>गोल्ड कार्ड</strong> जारी करेगी।</li>
<li>इसका उद्देश्य केवल <strong>सबसे योग्य और टॉप क्लास कर्मचारी</strong> अमेरिका बुलाना है।</li>
</ul>
<p>अमेरिकी वाणिज्य मंत्री <strong>Howard Lutnick</strong> ने कहा कि इस नए प्रोग्राम से अमेरिका को लगभग <strong>$100 </strong><strong>बिलियन की कमाई</strong> होगी।</p>
<p><strong>H-1B </strong><strong>वीजा और भारतीय </strong><strong>IT </strong><strong>प्रोफेशनल्स</strong><strong></strong></p>
<p>भारत से हर साल हजारों इंजीनियर और IT प्रोफेशनल्स H-1B वीजा पर अमेरिका जाते हैं। साल 2023 में H-1B वीजा लेने वालों में <strong>1,91,000 </strong><strong>लोग भारतीय थे</strong>, और यह संख्या 2024 में बढ़कर <strong>2,07,000</strong> हो गई।</p>
<ul>
<li>अब इतनी ऊंची फीस के चलते कंपनियों के लिए कर्मचारियों को अमेरिका भेजना <strong>कम फायदेमंद</strong> होगा।</li>
<li><strong>71% H-1B </strong><strong>वीजा धारक भारतीय</strong> हैं।</li>
<li>मिड-लेवल और एंट्री-लेवल कर्मचारियों के लिए वीजा मिलना मुश्किल होगा।</li>
<li>बड़ी IT कंपनियां जैसे <strong>Infosys, TCS, Wipro, Cognizant </strong><strong>और </strong><strong>HCL</strong> सबसे ज्यादा H-1B वीजा स्पॉन्सर करती हैं।</li>
<li>इसके असर से भारतीय प्रोफेशनल्स अब यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट की ओर जा सकते हैं।</li>
</ul>
<p><strong>नया गोल्ड कार्ड </strong><strong>EB-1 </strong><strong>और </strong><strong>EB-2 </strong><strong>की जगह लेगा</strong><strong></strong></p>
<ul>
<li>EB-1 और EB-2 ग्रीन कार्ड की श्रेणियां थीं।
<ul>
<li><strong>EB-1:</strong> उच्च योग्यता वाले लोगों के लिए स्थायी निवास</li>
<li><strong>EB-2:</strong> मास्टर्स या उससे ऊपर की डिग्री वाले लोगों के लिए</li>
</ul>
</li>
<li>अब <strong>Trump Gold Card</strong> इनकी जगह लेगा।</li>
<li>केवल वे लोग ही इस कार्ड के लिए योग्य होंगे जिन्हें अमेरिका के लिए फायदेमंद माना जाएगा।</li>
</ul>
<p><strong>ट्रम्प प्रशासन का मकसद</strong><strong></strong></p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अब अमेरिका सिर्फ <strong>टैलेंटेड और हाई स्किल्ड लोगों</strong> को ही वीजा देगा। उनका कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि <strong>अमेरिकियों की नौकरियां</strong> सुरक्षित रहें और विदेशी कर्मचारियों का सही इस्तेमाल हो।</p>
<p>व्हाइट हाउस के स्टाफ सेक्रेटरी <strong>Will Sharff</strong> ने कहा कि H-1B वीजा का सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल हुआ है। अब कंपनियों को $1 लाख फीस देकर यह दिखाना होगा कि विदेश से आने वाले कर्मचारी <strong>वाकई बहुत ज्यादा स्किल्ड हैं</strong>।</p>
<p><strong>H-1B </strong><strong>वीजा का इतिहास</strong><strong></strong></p>
<ul>
<li>H-1B वीजा 1990 में शुरू हुआ था।</li>
<li>यह उन लोगों के लिए है जिनके पास <strong>Science, Technology, Engineering, Maths (STEM)</strong> या उच्च शिक्षा की डिग्री है।</li>
<li>यह वीजा <strong>3–6 </strong><strong>साल</strong> के लिए मिलता है।</li>
<li>ट्रम्प की पत्नी <strong>Melania Trump</strong> को 1996 में मॉडलिंग के लिए H-1B वीजा मिला था।</li>
<li>अमेरिका हर साल लगभग <strong>85,000 H-1B </strong><strong>वीजा</strong> लॉटरी सिस्टम के जरिए जारी करता है।</li>
</ul>
<p><strong>2025 </strong><strong>में </strong><strong>H-1B </strong><strong>वीजा की स्थिति</strong><strong></strong></p>
<ul>
<li>इस साल सबसे ज्यादा H-1B वीजा <strong>Amazon</strong> को मिले हैं (~10,000+)</li>
<li>इसके बाद <strong>TCS, Microsoft, Apple </strong><strong>और </strong><strong>Google</strong> हैं।</li>
</ul>
<p>The post <a href="https://earlynews24.com/world/usa-increases-h-1b-visa-fees-launches-trump-gold-card-major-impact-on-indian-it-professionals/">USA ने H-1B Visa Fees बढ़ाई, Trump Gold Card Launch – Bhartiya IT Professionals पर बड़ा असर</a> first appeared on <a href="https://earlynews24.com">Earlynews24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>China की Victory Day Parade में Putin और किम के Kim दिखे Xi Jinping, लेकिन PM Modi क्यों नहीं हुए शामिल?</title>
		<link>https://indlives.com/china-%e0%a4%95%e0%a5%80-victory-day-parade-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-putin-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-kim-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87-xi-jinping/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Sep 2025 01:38:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/china-%e0%a4%95%e0%a5%80-victory-day-parade-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-putin-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-kim-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a5%87-xi-jinping/</guid>

					<description><![CDATA[चीन में बुधवार को भव्य विक्ट्री डे परेड का आयोजन हुआ। यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के चीन में आत्मसमर्पण की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर की गई। इस दौरान चीन ने अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन किया और कई नए आधुनिक हथियार भी दुनिया को दिखाए। इस परेड में रूसी राष्ट्रपति [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[</p>
<p>चीन में बुधवार को भव्य <strong>विक्ट्री डे परेड</strong> का आयोजन हुआ। यह परेड <strong>द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के चीन में आत्मसमर्पण की 80</strong><strong>वीं वर्षगांठ</strong> के मौके पर की गई। इस दौरान चीन ने अपनी <strong>सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन</strong> किया और कई नए आधुनिक हथियार भी दुनिया को दिखाए।</p>
<p>इस परेड में <strong>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन</strong>, <strong>उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन</strong>, और <strong>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़</strong> समेत 20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए।<br />लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां <strong>शी जिनपिंग, </strong><strong>पुतिन और किम जोंग उन</strong> की तिकड़ी ने बटोरी। यह पहली बार था जब दुनिया में सबसे ज्यादा प्रतिबंध झेल रहे पुतिन और किम, शी जिनपिंग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सार्वजनिक मंच पर नजर आए।</p>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>ट्रंप का आरोप और शी जिनपिंग का जवाब</strong></h3>
<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="576" src="https://earlynews24.com/wp-content/uploads/2025/09/732932d0-88ea-11f0-bb45-27368b13924c.jpg-1024x576.jpg" alt="" class="wp-image-27840" /></figure>
</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति <strong>डोनाल्ड ट्रंप</strong> ने इस परेड को लेकर <strong>चीन पर गंभीर आरोप</strong> लगाए। उन्होंने कहा कि <strong>चीन, </strong><strong>रूस और उत्तर कोरिया मिलकर अमेरिका के खिलाफ साज़िश</strong> कर रहे हैं।<br />इसका जवाब देते हुए शी जिनपिंग ने अपने भाषण में कहा कि:</p>
<p><em>&#8220;</em><em>चीन किसी की धौंस से डरता नहीं है।&#8221;</em></p>
<p>ट्रंप ने इसके बाद अपनी सोशल मीडिया साइट <strong>ट्रुथ सोशल</strong> पर लिखा कि द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी सेना ने <strong>चीन की मदद</strong> की थी।</p>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत और अमेरिका के बीच तनाव, </strong><strong>चीन से रिश्तों में नरमी</strong></h3>
<ul>
<li>अमेरिका और भारत के रिश्तों में इस समय <strong>टैरिफ वॉर</strong> के कारण खटास आई हुई है।</li>
<li>ट्रंप प्रशासन ने भारत पर <strong>50% </strong><strong>तक टैरिफ</strong> लगा दिया है।</li>
<li>वहीं, चीन और भारत के रिश्ते 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद बेहद खराब हो गए थे।</li>
</ul>
<p>लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच <strong>तनाव में थोड़ी कमी</strong> आई है।</p>
<ul>
<li>हाल ही में <strong>चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत आए</strong> थे।</li>
<li>इसके बाद <strong>भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन गए।</strong></li>
<li>सात साल बाद पीएम मोदी भी चीन पहुंचे और <strong>शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक</strong> की।</li>
</ul>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>एससीओ सम्मेलन और परेड</strong></h3>
<p>31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में <strong>शंघाई सहयोग संगठन (SCO) </strong><strong>सम्मेलन</strong> हुआ।<br />इस सम्मेलन में <strong>10 </strong><strong>सदस्य देशों</strong> और साझेदार देशों के नेता शामिल हुए।</p>
<ul>
<li>पुतिन इस दौरान <strong>चार दिन तक चीन में</strong> रहे।</li>
<li>ज्यादातर नेता 3 सितंबर को आयोजित <strong>विक्ट्री डे परेड</strong> में भी पहुंचे।</li>
<li>लेकिन <strong>भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परेड में शामिल नहीं हुए</strong>, जिससे कई सवाल उठने लगे।</li>
</ul>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>पीएम मोदी क्यों नहीं गए परेड में?</strong></h3>
<p>इस सवाल के कई जवाब विशेषज्ञों ने दिए। आइए समझते हैं कि मोदी ने यह बड़ा फैसला क्यों लिया:</p>
<p><strong><em>1. </em></strong><strong><em>जापान को नाराज़ नहीं करना चाहता भारत</em></strong></p>
<p>इस परेड का मुख्य उद्देश्य था <strong>जापान पर जीत का जश्न</strong> मनाना।</p>
<ul>
<li>JNU के प्रोफेसर <strong>अरविंद येलेरी</strong> के मुताबिक:</li>
</ul>
<p><em>&#8220;</em><em>भारत का संघर्ष ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ था, </em><em>जापान के खिलाफ नहीं।</em><em>ऐसे में भारत इस परेड में शामिल होकर जापान को गलत संदेश नहीं देना चाहता था।&#8221;</em></p>
<ul>
<li>जापान वर्तमान में भारत का <strong>महत्वपूर्ण दोस्त और रणनीतिक साझेदार</strong> है।</li>
<li>पीएम मोदी हाल ही में जापान गए थे।</li>
<li>अगर मोदी इस परेड में चीन और उत्तर कोरिया के साथ मंच साझा करते, तो यह <strong>जापान को असहज कर देता।</strong></li>
</ul>
<p><strong><em>2. </em></strong><strong><em>चीन के सैन्य प्रदर्शन को समर्थन नहीं देना चाहता भारत</em></strong></p>
<ul>
<li>परेड में चीन ने अपनी <strong>सेना की ताकत</strong> और <strong>आधुनिक हथियारों</strong> का प्रदर्शन किया।</li>
<li>प्रोफेसर अरविंद येलेरी कहते हैं:</li>
</ul>
<p><em>&#8220;</em><em>अगर पीएम मोदी इस परेड में शामिल होते, </em><em>तो यह चीन के सैन्य वर्चस्व का समर्थन करने जैसा होता।</em><em>चीन इसे अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल करता।&#8221;</em></p>
<p>भारत नहीं चाहता कि उसके शामिल होने से यह संदेश जाए कि वह चीन की बढ़ती ताकत का समर्थन कर रहा है।</p>
<p><strong><em>3. </em></strong><strong><em>भारत का लोकतांत्रिक देशों के साथ खड़ा होना</em></strong></p>
<p>JNU के ही एक अन्य प्रोफेसर <strong>अमिताभ सिंह</strong> कहते हैं:</p>
<p><em>&#8220;</em><em>भारत उन देशों के साथ खड़ा नहीं दिखना चाहता जो लोकतांत्रिक और उदारवादी नहीं हैं।</em><em>विक्ट्री डे परेड में शामिल कई देशों का रिकॉर्ड नागरिक अधिकारों और लोकतंत्र के मामले में बेहद कमजोर है।&#8221;</em></p>
<p>इस परेड को चीन ने <strong>एक वैकल्पिक विश्व व्यवस्था (alternative world order)</strong> के तौर पर भी पेश किया।<br />भारत नहीं चाहता कि वह इस व्यवस्था का हिस्सा दिखे।</p>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्या अमेरिका को नाराज़ न करने के लिए मोदी नहीं गए?</strong></h3>
<p>कुछ लोगों का मानना था कि मोदी परेड में इसलिए नहीं गए ताकि <strong>अमेरिका नाराज़ न हो</strong>।<br />लेकिन प्रोफेसर अमिताभ सिंह इससे असहमत हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा:</p>
<p><em>&#8220;</em><em>मुझे नहीं लगता कि यह फैसला ट्रंप की वजह से लिया गया।</em><em>यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का हिस्सा है।</em><em>भारत जानता है कि उसके और चीन के मतभेद इतने गहरे हैं कि एक दौरे से हल नहीं होंगे।&#8221;</em></p>
<h3 class="wp-block-heading"><strong>भारत का संदेश</strong></h3>
<p>पीएम मोदी के परेड में शामिल न होने से दुनिया को ये संदेश मिले:</p>
<ol>
<li>भारत <strong>चीन के नेतृत्व वाले विश्व व्यवस्था</strong> का हिस्सा नहीं बनेगा।</li>
<li>भारत <strong>लोकतांत्रिक और उदारवादी देशों के साथ खड़ा</strong> रहना चाहता है।</li>
<li>भारत अपने <strong>दोस्त जापान के साथ रिश्तों को मजबूत</strong> बनाए रखना चाहता है।</li>
<li>भारत चीन के <strong>सैन्य शक्ति प्रदर्शन</strong> को समर्थन नहीं देगा।</li>
</ol>
<p>चीन की विक्ट्री डे परेड में पुतिन और किम जोंग उन के साथ दुनिया के कई नेता शामिल हुए, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गैरमौजूदगी ने साफ कर दिया कि भारत की विदेश नीति <strong>स्वतंत्र, </strong><strong>संतुलित और रणनीतिक</strong> है।</p>
<p>भारत ने इस कदम से यह संदेश दिया कि वह न तो चीन के सैन्य प्रदर्शन का हिस्सा बनेगा और न ही जापान के खिलाफ कोई संकेत देगा।<br />भारत <strong>लोकतांत्रिक और उदारवादी देशों के साथ खड़ा होकर</strong> अपनी वैश्विक छवि को और मजबूत करना चाहता है।</p>
<p>The post <a href="https://earlynews24.com/world/victory-day-parade-in-china-xi-jinping-seen-with-putin-and-kim-but-why-did-pm-modi-skip-the-event/">China की Victory Day Parade में Putin और किम के Kim दिखे Xi Jinping, लेकिन PM Modi क्यों नहीं हुए शामिल?</a> first appeared on <a href="https://earlynews24.com">Earlynews24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>New World Order का संकेत? Beijing में Xi Jinping, Putin और Kim का साथ चलना दुनिया को क्या संदेश दे रहा है</title>
		<link>https://indlives.com/new-world-order-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a4-beijing-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-xi-jinping-putin-%e0%a4%94%e0%a4%b0-kim-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[indlives]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 03 Sep 2025 05:36:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[International]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://indlives.com/new-world-order-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a4-beijing-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-xi-jinping-putin-%e0%a4%94%e0%a4%b0-kim-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be/</guid>

					<description><![CDATA[बीजिंग में हुए चीन के सबसे बड़े सैन्य परेड ने सिर्फ हथियारों की ताकत ही नहीं दिखाई, बल्कि एक ऐसी तस्वीर दुनिया के सामने रखी जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी। इस परेड का सबसे चर्चित और प्रतीकात्मक पल वह था जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[</p>
<p>बीजिंग में हुए चीन के <strong>सबसे बड़े सैन्य परेड</strong> ने सिर्फ हथियारों की ताकत ही नहीं दिखाई, बल्कि एक ऐसी तस्वीर दुनिया के सामने रखी जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी। इस परेड का सबसे <strong>चर्चित और प्रतीकात्मक पल</strong> वह था जब <strong>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग</strong>, <strong>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन</strong> और <strong>उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन</strong> एक साथ चलते नजर आए।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह तस्वीर <strong>पश्चिमी देशों</strong>, खासकर <strong>अमेरिका</strong>, को एक <strong>सख्त संदेश</strong> है कि चीन, रूस और उत्तर कोरिया अब खुलकर एकजुट हो रहे हैं। यह नजारा एक <strong>नई विश्व व्यवस्था (</strong><strong>New World Order)</strong> की शुरुआत का संकेत भी माना जा रहा है।</p>
<p><strong>परेड का आयोजन और खास मेहमान</strong><strong></strong></p>
<p>यह सैन्य परेड बीजिंग के <strong>तियानआनमेन स्क्वायर</strong> में आयोजित की गई थी। यह परेड <strong>जापान पर जीत और द्वितीय विश्व युद्ध के अंत के </strong><strong>80 </strong><strong>साल पूरे होने</strong> के मौके पर हुई।</p>
<p>इस मौके पर <strong>करीब </strong><strong>20 </strong><strong>देशों के नेता</strong> शामिल हुए, लेकिन मुख्य आकर्षण रहे:</p>
<ul>
<li><strong>शी जिनपिंग</strong> – चीन के राष्ट्रपति</li>
<li><strong>व्लादिमीर पुतिन</strong> – रूस के राष्ट्रपति</li>
<li><strong>किम जोंग-उन</strong> – उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता</li>
<li><strong>शहबाज शरीफ</strong> – पाकिस्तान के प्रधानमंत्री</li>
</ul>
<p>शी जिनपिंग ने पुतिन और किम का <strong>गर्मजोशी से स्वागत किया</strong>। वह दोनों नेताओं के साथ लाल कालीन पर चलते हुए परेड स्थल तक पहुंचे। इस दौरान शी बीच में थे, उनके दाईं ओर पुतिन और बाईं ओर किम थे। यह दृश्य ही अपने आप में एक <strong>बड़ा राजनीतिक संदेश</strong> था।</p>
<p><strong>ताकत का प्रदर्शन और शी का भाषण</strong><strong></strong></p>
<p>इस परेड में चीन ने अपनी <strong>नवीनतम सैन्य तकनीक और हथियारों</strong> का प्रदर्शन किया। हजारों सैनिकों ने मार्च पास्ट किया और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अपनी शक्ति का परिचय दिया।</p>
<p>शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा:</p>
<p>“आज दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां <strong>शांति या युद्ध</strong><strong>, </strong><strong>संवाद या टकराव</strong><strong>, </strong><strong>जीत-जीत या ज़ीरो-सम गेम</strong> का चुनाव करना होगा। चीन हमेशा <strong>इतिहास के सही पक्ष</strong> में खड़ा रहेगा।”</p>
<p>शी ने बिना नाम लिए अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि <strong>चीन किसी भी दबाव या धमकी से डरने वाला नहीं है</strong>। उन्होंने यह भी कहा कि चीन अब <strong>“अविराम और अजेय” (unstoppable)</strong> है और सभी देशों को एकजुट होकर युद्ध के कारणों को खत्म करना चाहिए ताकि <strong>ऐतिहासिक त्रासदियां दोबारा न हों</strong>।</p>
</p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://earlynews24.com/wp-content/uploads/2025/09/parade2-2025-09-27c1fc378e238a3a0de296b5f0dd3d8f-1024x576-1-1024x576.jpg" alt="" class="wp-image-27823" /></figure>
<p><strong>तस्वीर का गहरा संदेश</strong><strong></strong></p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह तस्वीर तीन बड़े संदेश दे रही है:</p>
<ol start="1">
<li><strong>चीन अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है</strong>
<ul>
<li>यह तस्वीर साफ दिखाती है कि चीन चाहे जितनी भी <strong>पश्चिमी पाबंदियां (</strong><strong>sanctions)</strong> लगें, वह <strong>रूस और उत्तर कोरिया</strong> का साथ नहीं छोड़ेगा।</li>
<li>यह खासकर <strong>रूस-यूक्रेन युद्ध</strong> के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहां पश्चिमी देश रूस को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहे हैं।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>अमेरिका-नेतृत्व वाले सिस्टम को चुनौती</strong>
<ul>
<li>शी जिनपिंग लंबे समय से <strong>नई विश्व व्यवस्था</strong> बनाने की बात करते रहे हैं।</li>
<li>यह तस्वीर और यह आयोजन दिखाते हैं कि चीन अब <strong>अमेरिका का विकल्प बनने</strong> की तैयारी कर रहा है।</li>
<li>विशेषज्ञ कहते हैं कि शी यह दिखाना चाहते हैं कि अब उनका <strong>खुद का प्रभाव क्षेत्र (</strong><strong>sphere of influence)</strong> है।</li>
</ul>
</li>
<li><strong>रूस-उत्तर कोरिया-चीन का मजबूत गठबंधन</strong>
<ul>
<li>पहले खबरें थीं कि <strong>रूस और उत्तर कोरिया की बढ़ती नजदीकियां</strong> चीन को परेशान कर रही हैं।</li>
<li>लेकिन इस परेड की यह तस्वीर दिखाती है कि तीनों देश <strong>एक ही पेज पर हैं और रणनीतिक रूप से एकजुट</strong> हैं।</li>
</ul>
</li>
</ol>
<p>सूचना के अनुसार, एक पत्रकार ने लिखा कि यह तस्वीर पश्चिमी देशों के लिए <strong>चिंता का कारण</strong> है और यह संकेत देती है कि <strong>अमेरिका के पीछे हटने</strong> से बनी खाली जगह को <strong>चीन भर रहा है</strong>।</p>
<p><strong>अमेरिका की नाराजगी और ट्रंप की प्रतिक्रिया</strong><strong></strong></p>
<p>इस तस्वीर ने अमेरिका में खलबली मचा दी, खासकर <strong>पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप</strong> को।<br />ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म <em>ट्रुथ सोशल</em> पर लिखा:</p>
<p><em>“</em><em>मेरी तरफ से व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग-उन को शुभकामनाएं</em><em>, </em><em>जब आप अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।</em><em>”</em></p>
<p>उन्होंने यह भी याद दिलाया कि <strong>80 </strong><strong>साल पहले जापान को हराने में अमेरिका की बड़ी भूमिका थी</strong>, और चीन को यह नहीं भूलना चाहिए।</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका की <strong>‘</strong><strong>अमेरिका फर्स्ट</strong><strong>’ </strong><strong>नीति</strong> और <strong>टैरिफ युद्ध (</strong><strong>tariff wars)</strong> अब उल्टा असर डाल रहे हैं, और चीन इसका फायदा उठा रहा है।</p>
<p><strong>विशेषज्ञों की राय</strong><strong></strong></p>
<ul>
<li><strong>वें-टी सुंग (</strong><strong>Atlantic Council)</strong></li>
</ul>
<p>“चीन यह संदेश दे रहा है कि चाहे पश्चिमी देश कितने भी प्रतिबंध लगाएं, वह अपने दोस्तों का साथ नहीं छोड़ेगा।”</p>
<ul>
<li><strong>अल्फ्रेड वू (चीनी राजनीति विशेषज्ञ)</strong></li>
</ul>
<p>“शी जिनपिंग यह दिखाना चाहते हैं कि अब चीन इतना मजबूत है कि उसका खुद का प्रभाव क्षेत्र है।”</p>
<ul>
<li><strong>सीएनएन का विश्लेषण</strong></li>
</ul>
<p>“यह मुलाकात दिखाती है कि अमेरिकी कूटनीति इन नेताओं को रोकने में नाकाम रही है।”</p>
<p><strong>भविष्य की दिशा</strong><strong></strong></p>
<ul>
<li>यह तस्वीर चाहे प्रतीकात्मक हो, लेकिन <strong>भविष्य की वैश्विक राजनीति</strong> पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।</li>
<li>अब यह देखना होगा कि क्या यह <strong>एकता केवल दिखावे तक सीमित रहती है</strong> या यह <strong>व्यावहारिक कदमों में बदलती है</strong>, जैसे:
<ul>
<li>सैन्य सहयोग</li>
<li>आर्थिक साझेदारी</li>
<li>राजनीतिक समझौते</li>
</ul>
</li>
</ul>
<p>फिलहाल पश्चिमी देश इस स्थिति को <strong>चिंता और अलार्म</strong> के साथ देख रहे हैं।</p>
<p>बीजिंग की यह तस्वीर सिर्फ एक फोटो नहीं है, बल्कि यह <strong>तीन शक्तिशाली देशों की एकजुटता का प्रतीक</strong> है।<br />यह संकेत देती है कि आने वाले समय में <strong>अमेरिका और पश्चिमी देशों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी</strong>।<br />चीन, रूस और उत्तर कोरिया का यह गठबंधन अगर मजबूत हुआ, तो <strong>दुनिया की शक्ति संतुलन (</strong><strong>power balance)</strong> पूरी तरह बदल सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://earlynews24.com/blog/sign-of-a-new-world-order-what-xi-jinping-putin-and-kim-walking-together-in-beijing-means-for-the-world/">New World Order का संकेत? Beijing में Xi Jinping, Putin और Kim का साथ चलना दुनिया को क्या संदेश दे रहा है</a> first appeared on <a href="https://earlynews24.com">Earlynews24</a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
