अप्रैल 2026 से नए Income Tax Rules शुरु हो जाएगा। इसका सीधा असर इस साल के असेसमेंट ईयर पर पड़ेगा। यह फैसला सरकार द्वारा मिडिल क्लास और सैलरीड क्लास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। तो आइए जानते हैं कि कौन से हैं वे 5 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर सीधा असर डालेंगे।
1. ₹12.75 लाख तक सैलरी पर ‘नो टैक्स’
बजट 2025 में सेक्शन 87A के तहत रिबेट की सीमा बढ़ा दी गई है। अब नई टैक्स रिजीम (New Tax Regime) चुनने वालों के लिए ₹12 लाख तक की नेट टैक्सेबल इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही सैलरीड क्लास को मिलने वाली ₹75,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन को जोड़ने पर अब ₹12.75 लाख तक की ग्रॉस सैलरी पूरी तरह टैक्स फ्री हो गई है।

2. बुजुर्गों के लिए ब्याज पर TDS का झंझट खत्म
सीनियर सिटीजन के लिए यह बजट बड़ी खुशी लेकर आया है। FD या अन्य बचत योजनाओं से मिलने वाले ब्याज पर TDS की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। अब बुजुर्गों को बैंक से पूरा पैसा मिलेगा और उन्हें रिफंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
3. विदेश में इलाज अब टैक्स के दायरे से बाहर
सैलरीड कर्मचारियों के लिए विदेश में इलाज (Medical Treatment Abroad) से जुड़े पर्क्विजिट (Perquisite) नियमों में सुधार किया गया है। पहले केवल ₹2 लाख तक की आय वाले कर्मचारी ही कंपनी द्वारा विदेश में इलाज पर किए खर्च पर छूट पा सकते थे, अब इस सीमा को बढ़ाकर ₹8 लाख कर दिया गया है। इससे गंभीर बीमारी के समय कर्मचारियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

4. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों को फायदा
छोटे निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने डिविडेंड (Dividend) इनकम पर TDS की सीमा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी है। यानी अब अगर आपको साल भर में ₹10,000 तक का लाभांश मिलता है, तो उस पर कोई कटौती नहीं होगी।
5. ULIP निवेश पर अब पूरी स्पष्टता
यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) को लेकर बना भ्रम अब खत्म हो गया है। बजट में साफ किया गया है कि जिन पॉलिसियों पर प्रीमियम अधिक होने के कारण छूट नहीं मिलती, उन्हें अब ‘कैपिटल एसेट’ माना जाएगा। इससे मिलने वाले मुनाफे पर अब ‘कैपिटल गेंस’ के हिसाब से टैक्स लगेगा, जिससे निवेशकों के लिए हिसाब रखना आसान होगा।
