पंजाब की भगवंत मान सरकार ने चुनाव से पहले अपना आखिरी बजट पेश कर दिया. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज (08 मार्च) राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 260437 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. इस बजट के जरिए आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनावों के वक्त महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रति महीना देने की गारंटी पूरी करने की घोषणा की है.
बजट में सरकार ने ‘मुख्यमंत्री मांवां धीयां सत्कार योजना’ लागू करने की घोषणा की है. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाएंगे. राज्य में 18 साल से ऊपर की महिलाओं को इस योजना के तहत एक हजार रुपया प्रति महीना मिलेगा.
SC की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये
मौजूदा सरकारी कर्मचारी या रिटायर हो चुकी सरकारी कर्मचारी महिलाएं, और इनकम टैक्स दे रहीं महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ नहीं मिलेगा. सरकार की अन्य योजनाओं जैसे की वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, डिसेबिलिटी पेंशन ले रही महिलाओं को इस योजना के तहत पैसा मिलेगा. इस योजना के तहत SC तबके की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति महीना पैसे मिलेंगे.
कब से शुरू होगी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया?
सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस योजना पर 9300 करोड़ रुपये खर्च के लिए रखे हैं. वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बैसाखी के मौके पर 13 अप्रैल से शुरू होगी. हालांकि सरकार ने ये अभी स्पष्ट नहीं किया है कि कब से पैसे देना शुरू करेगी. अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि सरकार लाभार्थी महिलाओं को अप्रैल माह से पैसा देगी इसलिए जिनका रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें अप्रैल महीने से आगे के पैसे मिलेंगे.
पंजाब के वित्त मंत्री ने हरियाणा सरकार को घेरा
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने अप्रत्यक्ष तौर पर हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने ऐसी ही योजनाओं की घोषणा करने का जुमला तो दिया है, लेकिन वे इसे महिलाओं के एक छोटे से वर्ग तक सीमित रखते हैं, जबकि महिलाओं का एक बड़ा वर्ग जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए आर्थिक रूप से पुरुषों पर निर्भर रहता है, उसे नजरअंदाज कर देते हैं.
वित्त मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे एक पड़ोसी राज्य ने ऐसी ही एक योजना की घोषणा की, लेकिन इसे सिर्फ 1 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवारों तक सीमित कर दिया, जिसमें सभी वयस्क महिलाओं में से सिर्फ 20 फीसदी ही शामिल हो पाईं. उन्होंने कहा, ”पंजाब सरकार ऐसे जुमले नहीं देगी और यह सुनिश्चित करने वाला पहला राज्य बनने का फैसला किया है कि सभी वयस्क महिलाएं इस योजना के दायरे में आएं.”

